शाजापुर | |
जिला दंडाधिकारी एवं कलेक्टर श्री दिनेश जैन द्वारा मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की 25 जुलाई 2021 को होने वाली राज्य सेवा एवं वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2020 के लिये बनाये गये परीक्षा केंद्रों की 200 मीटर परिधि में भारतीय दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं। आदेश 24 जुलाई 2021 की रात्रि 09:00 बजे से 25 जुलाई 2021 की रात्रि 07:00 बजे तक प्रभावशील रहेगा। जिला मुख्यालय पर राज्य सेवा एवं वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2020 के लिए कुल 11 परीक्षा केंद्र बनाये गये है। जिसके अनुसार सीओमा पब्लिक स्कूल दरगाह रोड काशीनगर, एम. जी. कान्वेन्ट हा.से.स्कूल ,कोटिल्य एजुकेशन एकेडमी ए. बी. रोड बरवाल, शासकीय उत्कृष्ट हा.से.स्कूल कमांक 01 बस स्टेण्ड, महर्षि विद्या मंदिर, बेरछा रोड, सहज पब्लिक स्कूल दुपाडा रोड, शासकीय महारानी लक्ष्मी बाई कन्या उ.मा.वि., शासकीय हा.से.स्कूल क्रमांक 02 बस स्टेण्ड, सरस्वती विद्या मंदिर हा.से. दुपाडा रोड, शा.बी.एस.एन.पी.जी. महाविद्यालय, भवन इंटरनेशनल हा.से. स्कूल ए.बी. रोड के परिसर स्थित परीक्षा केन्द्र के 200 मीटर की परिधि में धारा 144 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश प्रभावशील रहेगा। इन स्थानों पर परीक्षा कार्य में संयोजित तथा ड्यूटी पर तैनात अधिकारियो एवं कर्मचारियों तथा परीक्षाथियों के अतिरिक्त किसी भी व्यक्ति का प्रवेश वर्जित रहेगा। परीक्षा स्थल में कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार के हथियार, लाईटर, माचिस, अस्त्र-शस्त्र मोबाइल, इलेक्ट्रानिक सामग्री, आग्नेय / विस्फोटक पदार्थ इत्यादि ले कर नहीं आ सकेंगें। ड्यूटी पर तैना पुलिस अधिकारियों के अतिरिक्त कोई भी व्यक्ति हथियार, लाठी, डण्डा ले कर नहीं आ सकेंगे।कोई भी व्यक्ति आग्नेय शस्त्र धारदार हथियार बांस बल्लम फरसा, भाला आदि ले कर नहीं घूमेगा और न ही उनका प्रदर्शन करेगा। कोई भी व्यक्ति ऐसा कार्य नहीं करेगा जिसके कारण उक्त आयोजित परीक्षा प्रक्रिया में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न हो। कोई भी परीक्षार्थी अनुचित साधनों का प्रयोग न करेगा तथा न ही किसी और परीक्षार्थी को सहयोग करेगा। प्रतिबंधात्मक आदेश ड्यूटी पर तैनात मजिस्ट्रेट, पुलिस अधिकारी, कर्मचारी तथा अन्य अधिकृत लोक सेवक पर लागू नहीं होगा। आदेश से व्यथित व्यक्ति दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 (5) के अन्तर्गत कलेक्टर न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत कर सकेगा। यदि कोई व्यक्ति इस आदेश का उल्लंघन करेगा तो वह भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा 188 के अन्तर्गत अभियोजन के लिये उत्तरदायी होगा। |
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